ध्‍येय:

सभी प्रशिक्षण प्रक्रियाओं उत्पाद और मानव की गुणवत्ता, प्रबंधक श्रेणी में नेतृत् के गुण में सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जोर दिया जाता है जिससे संगठन में अधिक प्रतियोगी बना जा सके ।

 

उद्येश्‍य

1. कर्मचारियों को अध्‍यत्‍म ज्ञान देना ।

2. कर्मचारियों में आवश्‍यक कौशल्‍य का विकास जिससे वे आधुनिक तकनीकी में निपुण हो ।

3. कर्मचारियों के अभिवृत्ति में परिवर्तन जिससे वे संगठनात्‍मक वचन बद्धता में समर्पित सेवा प्रदान करे ।

 

प्रशिक्षण केन्‍द्र की प्रक्रियाओं को मुख्‍य रूप से इस प्रकार श्रेणीबद्ध कर सकते हैं ।

 

1.        कर्मचारी प्रशिक्षण और विकास ।

2.        प्रशिक्षु अधिनियम 1961 (यथा संशोधित 1973 और 1986) का कार्यान्‍वयन् ।

3.        कर्मचारी प्रशिक्षण और विकास क्रियाएं ।

 

मुख्‍यत:आवश्‍यकता के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते है : प्रबंधकीय विकास, परिवक्षणीय विकास और कामगार विकास । प्रत्‍येक वर्ष विभिन्‍न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर कार्या‍न्वित किया जाता है प्रशिक्षण केन्‍द्र अपनी सुविधा अन्‍य संगठनों और पडोसी उद्योगयों को उचित दर पर उपलब्‍ध कराता है ।

 

एचएके प्रशिक्षण केन्‍द्र ने राष्‍ट्रीय और अन्‍तरराष्‍ट्रीय स्‍तर के कार्यक्रम का आयोजन करता है । यूनिडो और डब्‍लूएचओ योजना के अन्‍तर्गत बायो तकनीकी, आधुनिकतम माइक्रोबायलोजी, प्रबंधन इति के क्षेत्र में वैज्ञानिकों और तकनीकियों के लिए आयोजित किए जाते है ।